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भाषा परिवर्तन
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Code-switching जनवरी २०२६
अंगूठाकार|सारा जेरोनीमो en Sarah Geronimo और एक साक्षात्कारकर्ता अंग्रेज़ी तथा फ़िलिपीनो के मध्य भाषा‑परिवर्तन करते हैं।
start=43|end=52|अंगूठाकार|माया दियाब en Maya Diab एक ही वाक्य के भीतर अंग्रेज़ी और लेबनानी अरबी en Lebanese Arabic के मध्य भाषा‑परिवर्तन करती हैं।
भाषाविज्ञान में, भाषा परिवर्तन अथवा कोड‑स्विचिंग (en code-switching) वह प्रक्रिया है जिसमें कोई वक्ता सामाजिक परिवेश अथवा वार्तालाप परिस्थिति के अनुसार एक भाषिक कोड (भाषा अथवा उपभाषा) से दूसरे कोड की ओर परिवर्तित होता है।https://www.britannica.com/topic/code-switching code-switching Britannica en ये परिवर्तन प्रायः वक्ताओं के मध्य सम्बन्धों को प्रभावित करने के उद्देश्य से किए जाते हैं, उदाहरणार्थ, यह संकेत देने के लिए कि उनके भाषिक इतिहास समान हो सकते हैं और वे किसी साझा पहचान का अनुभव करते हैं।
भाषा परिवर्तन बहुभाषिकता en Plurilingualism से भिन्न है। बहुभाषिकता किसी व्यक्ति की अनेक भाषाओं का प्रयोग करने की क्षमता को सूचित करती है, जबकि भाषा परिवर्तन अनेक भाषाओं का एक साथ, परस्पर मिश्रित प्रयोग है।https://www.coe.int/en/web/common-european-framework-reference-languages/home Common European Framework of Reference for Languages: Learning, Teaching, Assessment (CEFR) Council of Europe en-GB https://web.archive.org/web/20230306232731/https://www.coe.int/en/web/common-european-framework-reference-languages/home 2023-03-06 2022-11-16 live बहुभाषी व्यक्ति प्रायः वार्तालाप के दौरान अनेक भाषाओं के तत्त्वों का सम्मिलित प्रयोग करते हैं। इस प्रकार भाषा परिवर्तन का आशय है—एक से अधिक भाषिक रूपों का प्रयोग, प्रत्येक रूप की अपनी वाक्यरचना और ध्वन्यात्मकता के अनुरूप।
भाषा परिवर्तन वाक्यों के मध्य, वाक्य‑खण्डों में, शब्दों में अथवा कुछ रूपात्मक इकाइयों में भी घटित हो सकती है। तथापि, कुछ भाषाविद् किसी अन्य भाषा से शब्द अथवा रूपिम उधार लेने को भाषा परिवर्तन से भिन्न मानते हैं।Borrowing: Loanwords in the Speech Community and in the Grammar Poplack Shana 2018 Oxford University Press 978-0-19-025637-1 New York, NY 986237047https://educationalresearchtechniques.com/2017/10/06/code-switching-lexical-borrowing/ Code -Switching & Lexical Borrowing Darrin 2017-10-05 Educational Research Techniques en-US https://web.archive.org/web/20221130201127/https://educationalresearchtechniques.com/2017/10/06/code-switching-lexical-borrowing/ 2022-11-30 2022-11-30 live
भाषा परिवर्तन तब भी घटित हो सकती है जब वक्ता के बोलने का परिवेश बदल जाए, अथवा जब वह किसी भिन्न श्रोता‑समूह के अनुरूप अपनी भाषा‑शैली बदलना चाहे। इसके अनेक प्रयोजन होते हैं, जैसे किसी एक भाषा में स्वयं को पर्याप्त रूप से व्यक्त न कर पाना, अथवा किसी विषय के प्रति अपना दृष्टिकोण प्रकट करना। समाजशास्त्रीय तथा भाषावैज्ञानिक दृष्टियों से भाषा परिवर्तन के कारणों को समझाने के लिए अनेक सिद्धान्त विकसित किए गए हैं।
सिद्धान्त
नियन्त्रण‑आधारित मॉडल : पॉपलैक (१९८०)
शाना पॉपलैक का भाषा परिवर्तन सम्बन्धी मॉडल इस विषय के व्याकरण पर आधारित एक महत्त्वपूर्ण सिद्धान्त है। इस मॉडल में भाषा परिवर्तन दो प्रमुख नियन्त्रणों के अधीन मानी जाती है।Winford, Donald. "Code Switching: Linguistic Aspects." An Introduction to Contact Linguistics. Malden, MA: Blackwell Pub., 2003. 126-167. Print.
(१) मुक्त‑रूपिम नियन्त्रण: इस नियन्त्रण के अनुसार किसी शब्द‑मूल और उससे जुड़े बन्धित रूपिमों के मध्य भाषा परिवर्तन नहीं हो सकती। यह नियन्त्रण उधार‑शब्दों और भाषा परिवर्तन के मध्य भेद स्पष्ट करता है। सामान्यतः उधार‑लेना शब्दकोशीय स्तर पर होता है, जबकि भाषा परिवर्तन वाक्यरचना अथवा वाक्य‑निर्माण स्तर पर घटित होती है।https://books.google.com/books?id=aUJNgHWl_koC&q=%22code-switching%22 Discourse Strategies Gumperz John J. Cambridge University Press 1982 9780521288965 Cambridge 2018-08-09 https://web.archive.org/web/20190407094703/https://books.google.com/books?id=aUJNgHWl_koC&printsec=frontcover#v=onepage&q=%22code-switching%22&f=false 2019-04-07 livePoplack Shana David Sankoff 1984 Borrowing: the synchrony of integration Linguistics 22 269 99–136 10.1515/ling.1984.22.1.99 14465695 free 10315/2840One Speaker, Two Languages: Cross-disciplinary Perspectives on Code-switching Muysken Pieter Cambridge University Press 1995 L. Milroy Cambridge 177–98 Code-switching and grammatical theory P. Muysken http://repository.ubn.ru.nl/bitstream/handle/2066/14664/4221.pdf https://web.archive.org/web/20210224195310/https://repository.ubn.ru.nl/bitstream/handle/2066/14664/4221.pdf February 24, 2021 live
(२) समतुल्यता‑नियन्त्रण: इस नियन्त्रण के अनुसार भाषिक परिवर्तन केवल उन्हीं बिन्दुओं पर सम्भव है जहाँ दोनों भाषाओं की सतही संरचनाएँ परस्पर मेल खाती हों, अथवा जहाँ वाक्य‑तत्त्व दोनों भाषाओं में समान क्रम में व्यवस्थित होते हों।
उदाहरण के लिए, वाक्य— “I like you porque eres simpático” इसलिए स्वीकार्य माना जाता है कि यह दोनों भाषाओं के वाक्य‑नियमों का उल्लंघन नहीं करता।Sankoff David Shana Poplack 1981 A formal grammar for code-switching Papers in Linguistics 14 1–4 3–45 10.1.1.667.3175 10.1080/08351818109370523
इसके विपरीत, the casa white अथवा the blanca house जैसे संयोग अस्वीकार्य माने जाते हैं, क्योंकि वे कम से कम एक भाषा के व्याकरण के विरुद्ध हैं। स्पेनी भाषा में निर्धारक → संज्ञा → विशेषण का क्रम होता है, जबकि अंग्रेज़ी में विशेषण संज्ञा से पूर्व आता है। अतः the casa white अंग्रेज़ी के नियमों का पालन नहीं करता, और the blanca house स्पेनी नियमों के प्रतिकूल है।Winford, Donald. "Code Switching: Linguistic Aspects." An Introduction to Contact Linguistics. Malden, MA: Blackwell Pub., 2003. 126-167. Print.
इसके अतिरिक्त, सैंकॉफ़ और पॉपलैक के मॉडल के सम्बन्ध में कुछ महत्त्वपूर्ण टिप्पणियाँ बाद में बाहरी शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत की गईं। इन टिप्पणियों का आशय यह है कि मुक्त‑रूपिम नियन्त्रण तथा समतुल्यता‑नियन्त्रण पर्याप्त रूप से प्रतिबन्धात्मक नहीं हैं, क्योंकि व्यवहार में इनके अनेक अपवाद मिलते हैं। उदाहरणार्थ, मुक्त‑रूपिम नियन्त्रण यह नहीं बताता कि कुछ मुक्त‑रूपिमों के बीच भाषा परिवर्तन क्यों असम्भव है। वाक्य— “The students had visto la película italiana” (“विद्यार्थियों ने इतालवी चलचित्र देखी थी”) स्पेनी‑अंग्रेज़ी भाषा परिवर्तन में नहीं मिलता, जबकि मुक्त‑रूपिम नियन्त्रण के अनुसार यह सम्भव प्रतीत होता है।Belazi Heidi Edward Rubin Almeida Jacqueline Toribio 1994 Code switching and X-Bar theory: The functional head constraint https://archive.org/details/sim_linguistic-inquiry_spring-1994_25_2/page/220 Linguistic Inquiry 25 2 221–37 4178859 27756266
इसी प्रकार, समतुल्यता‑नियन्त्रण उन परिवर्तनों को भी अस्वीकार्य ठहराता है जो अनेक भाषाओं में सामान्य रूप से घटित होते हैं—जैसे हिन्दी के परसर्गीय पदबन्धों का अंग्रेज़ी के पूर्वसर्गीय पदबन्धों के साथ मिश्रण। उदाहरण के लिए वाक्य— “John gave a book ek larakii ko” (“जॉन ने एक लड़की को पुस्तक दी”) यहाँ ek larakii ko का शाब्दिक अनुवाद “a girl to” होगा, जो अंग्रेज़ी में अव्याकरणिक है, फिर भी अंग्रेज़ी‑हिन्दी भाषा परिवर्तन में ऐसे वाक्य सामान्यतः मिलते हैं, यद्यपि समतुल्यता‑नियन्त्रण के अनुसार यह सम्भव नहीं होना चाहिए।Winford, Donald. "Code Switching: Linguistic Aspects." An Introduction to Contact Linguistics. Malden, MA: Blackwell Pub., 2003. 126-167. Print.
सैंकॉफ़ और पॉपलैक का मॉडल उन स्थितियों पर केन्द्रित है जहाँ भाषा परिवर्तन वक्ता की मुख्य अथवा द्वितीय भाषा के वाक्य‑नियमों में व्यवधान उत्पन्न नहीं करती।Woolford Ellen 1983 Bilingual Code-Switching and Syntactic Theory https://www.jstor.org/stable/4178342 Linguistic Inquiry 14 3 520–536 0024-3892 4178342 https://web.archive.org/web/20180809123403/https://www.jstor.org/stable/4178342 2018-08-09 2018-08-09 live यद्यपि अन्य शोधकर्ताओं द्वारा संकलित प्रतिवाद‑उदाहरणों के आधार पर इस मॉडल को चुनौती दी गई है, फिर भी एक निष्कर्ष ऐसा है जिस पर व्यापक सहमति है— कि भाषा परिवर्तन का व्यवहार द्विभाषी वक्ता की व्याकरणिक दक्षता को उसी स्तर पर प्रदर्शित करता है जिस स्तर पर एकभाषी वक्ता की भाषिक क्षमता होती है। यह धारणा कि भाषा परिवर्तन किसी भाषा में अयोग्यता का संकेत है, असंगत मानी जाती है।Woolford Ellen 1983 Bilingual Code-Switching and Syntactic Theory https://www.jstor.org/stable/4178342 Linguistic Inquiry 14 3 520–536 0024-3892 4178342 https://web.archive.org/web/20180809123403/https://www.jstor.org/stable/4178342 2018-08-09 2018-08-09 live
मैट्रिक्स भाषा‑फ़्रेम मॉडल
कैरल मायर्स‑स्कॉटन का मैट्रिक्स भाषा‑फ़्रेम (MLF) मॉडल इन्सर्शनल भाषा परिवर्तन का प्रमुख सिद्धान्त माना जाता है।Winford, Donald. "Code Switching: Linguistic Aspects." An Introduction to Contact Linguistics. Malden, MA: Blackwell Pub., 2003. 126-167. Print. इस मॉडल के अनुसार एक मैट्रिक्स भाषा (ML) होती है और एक अन्तःस्थापित भाषा (EL)। अन्तःस्थापित भाषा के तत्त्व मैट्रिक्स भाषा के रूप‑वाक्यविन्यासिक ढाँचे में प्रविष्ट किए जाते हैं। मायर्स‑स्कॉटन द्वारा प्रतिपादित प्रमुख परिकल्पनाएँ इस प्रकार हैं—
मैट्रिक्स भाषा परिकल्पना यह कहती है कि भाषा‑उत्पादन तन्त्र की केन्द्रीय संरचना में वे सभी व्याकरणिक प्रक्रियाएँ, जो मैट्रिक्स भाषा + अन्तःस्थापित भाषा के संयुक्त तत्त्वों की सतही संरचना को निर्धारित करती हैं, केवल मैट्रिक्स भाषा पर आधारित होती हैं। इस परिकल्पना का आशय यह भी है कि ढाँचा‑निर्माण (frame‑building) वस्तु‑रूपिमों (content morphemes) के प्रविष्ट होने से पूर्व होता है।
मैट्रिक्स भाषा वक्ता की प्रथम भाषा भी हो सकती है, अथवा वह भाषा जिसमें रूपिमों अथवा शब्दों का प्रयोग अधिक बार होता है। इस प्रकार जो भाषा प्रभुत्वशाली है वही मैट्रिक्स भाषा होती है, और दूसरी भाषा अन्तःस्थापित भाषा। मैट्रिक्स लैंग्वेज आइलैण्ड वह संरचना है जो पूर्णतः मैट्रिक्स भाषा के रूपिमों से निर्मित हो।Martínez Ramón Antonio 2010 "Spanglish" as Literacy Tool: Toward an Understanding of the Potential Role of Spanish-English Code-Switching in the Development of Academic Literacy https://www.jstor.org/stable/40997087 Research in the Teaching of English 45 2 124–149 10.58680/rte201012743 0034-527X 40997087 146311514 subscription https://web.archive.org/web/20230313070617/https://www.jstor.org/stable/40997087 2023-03-13 2023-03-24
उदाहरण
हिन्दुस्तानी (उर्दू/हिन्दी) / अंग्रेजी
Life ko face kiijiye with himmat and faith in yourself.
लाइफ़् को फ़ेस् कीजिये विथ् हिम्मत् एण्ड् फ़ेथ इन् योर्सेल्फ़्.
(भाषा परिवर्तन; अंग्रेज़ी तत्त्व गाढ़े)
अनुवाद: “जीवन का सामना कीजिए साहस और आत्मविश्वास के साथ।”
सन्दर्भ
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