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सिबिलिन बुक्स
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सिबिलिन बुक्स माइकल एंजेलो द्वारा सिस्टिन चैपल की छत पर चित्रित 'क्यूमेन सिबिल', जिसके बारे में माना जाता है कि उसने ये पुस्तकें रोम के राजा को बेची थीं। सिबिल (प्राचीन यूनानी भविष्यवाणियाँ) प्राचीन यूनानी (हेक्सामीटर छंद) रोमन साम्राज्य धार्मिक अनुष्ठान, भविष्यवाणियां, संकट प्रबंधन ओरेकल
सिबिलिन बुक्स (Sibylline Books, Libri Sibyllini) प्राचीन रोम के सबसे पवित्र और गुप्त ग्रंथों का एक संग्रह था। यह यूनानी भाषा के हेक्सामीटर छंदों में लिखी गई भविष्यवाणियों का एक संकलन था। प्राचीन रोमन गणराज्य और साम्राज्य में, इन पुस्तकों को राज्य के सबसे बड़े रहस्यों में से एक माना जाता था। इन्हें केवल रोमन सीनेट के सख्त आदेश पर और राज्य पर आए किसी बड़े संकट (जैसे महामारी, सैन्य हार, या भयानक प्राकृतिक आपदाओं) के समय ही खोला और पढ़ा जाता था।Beard Mary North John Price Simon Religions of Rome: Volume 1, A History https://archive.org/details/religionsofrome0001bear_a7h0 Cambridge University Press 1998 978-0521316828 61-63"Sibylline Oracles"
उत्पत्ति और 'क्यूमेन सिबिल' की कथा
सिबिलिन बुक्स की उत्पत्ति एक बहुत ही प्रसिद्ध रोमन किंवदंती से जुड़ी है। रोम के इतिहासकार टाइटस लिवियस और डायोनिसियस के अनुसार, रोम के सातवें और अंतिम राजा लूशियस टार्क्विनियस सुपरबस के पास एक रहस्यमय वृद्धा आई, जिसे क्यूमेन सिबिल माना जाता है।
उसने राजा को 9 भविष्यवाणियों की पुस्तकें एक बहुत भारी कीमत पर पेश कीं। जब राजा ने कीमत सुनकर मना कर दिया, तो सिबिल ने 3 पुस्तकें आग में जला दीं और बाकी 6 के लिए वही मूल कीमत मांगी। राजा के फिर से मना करने पर, उसने 3 और पुस्तकें जला दीं और बची हुई 3 पुस्तकों के लिए फिर से वही कीमत मांगी। इस रहस्यमय व्यवहार से घबराकर और आश्चर्यचकित होकर, राजा टार्क्विन ने अंततः उन 3 पुस्तकों को उसी मूल कीमत पर खरीद लिया। ये 3 पुस्तकें ही 'सिबिलिन बुक्स' कहलाईं।Parke H. W. Sibyls and Sibylline Prophecy in Classical Antiquity Routledge 1988 978-0415003438 71-80
संरक्षण और परामर्श
इन पुस्तकों को रोम की कैपिटोलिन हिल पर ज्यूपिटर के मंदिर में एक पत्थर की तिजोरी के भीतर कड़ाई से सुरक्षित रखा गया था।
क्विन्डेसिमविरी: इन पुस्तकों को पढ़ने और उनका अर्थ निकालने का अधिकार रोम के आम नागरिकों या राजनेताओं को नहीं था। इसके लिए पुजारियों का एक विशेष समूह बनाया गया था, जिसे क्विन्डेसिमविरी सैक्रिस फैसियुंडिस (पंद्रह पुजारियों का समूह) कहा जाता था।
परामर्श की प्रकृति: एक बड़ी गलतफहमी यह है कि सिबिलिन बुक्स में भविष्य में होने वाली घटनाओं की स्पष्ट भविष्यवाणियां थीं (जैसे नॉस्ट्राडेमस की)। वास्तव में, जब रोम पर कोई संकट आता था, तो सीनेट यह मानती थी कि देवताओं की शांति या पॉक्स देओरम भंग हो गई है। पुस्तकों को पढ़कर यह पता लगाया जाता था कि देवताओं को प्रसन्न करने और शांति बहाल करने के लिए कौन सा 'विशिष्ट अनुष्ठान' या 'बलिदान' किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, 293 ईसा पूर्व की प्लेग महामारी के दौरान, इन पुस्तकों की सलाह पर ही यूनानी चिकित्सा देवता 'एस्क्लेपियस' के पंथ को रोम लाया गया था।
विनाश और पुनर्निर्माण
83 ईसा पूर्व में, ज्यूपिटर के मंदिर में लगी एक भयानक आग में मूल सिबिलिन बुक्स जलकर नष्ट हो गईं। इस नुकसान से रोमन सीनेट इतनी घबरा गई कि उन्होंने 76 ईसा पूर्व में पूरे भूमध्य सागर, ग्रीस, और अनातोलिया (विशेष रूप से एरिथ्रे और ट्रॉय) में दूत भेजे ताकि सिबिल की भविष्यवाणियों को फिर से इकट्ठा किया जा सके।
इस प्रकार एक नया संग्रह तैयार किया गया। बाद में, सम्राट ऑगस्टस ने 12 ईसा पूर्व में इन नई पुस्तकों को पैलाटाइन हिल पर अपोलो के मंदिर में स्थानांतरित कर दिया, ताकि उन पर शाही नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
जैसे-जैसे रोम में ईसाई धर्म का उदय हुआ, इन मूर्तिपूजक भविष्यवाणियों का महत्व कम हो गया। 5वीं शताब्दी की शुरुआत में (लगभग 405 ईस्वी), पश्चिमी रोमन साम्राज्य के सैन्य कमांडर फ्लैवियस स्टिलिचो ने ईसाइयत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करने और रोम पर अलारिक के हमले के दौरान इन ग्रंथों के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए, सिबिलिन बुक्स को हमेशा के लिए जला दिया।Cameron Alan The Last Pagans of Rome Oxford University Press 2011 978-0199747276 206-210"Re-visiting the libri Sibyllini: Some remarks on their nature in Roman legend and experience"अगस्त 2026 InternetArchiveBot
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
सिबिलिन बुक्स - विलियम स्मिथ डिक्शनरी ऑफ ग्रीक एंड रोमन एंटीक्विटीज
श्रेणी:रोमन साम्राज्य
श्रेणी:रोमन धर्म
श्रेणी:प्राचीन रोम
श्रेणी:रहस्यवाद