Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

सोलोमन टेम्पल, आइजोल

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

सोलोमन टेम्पल, आइजोल Solomon Temple Aizawl 2.jpg सोलोमन टेम्पल 23.7479 92.6884 region:IN inline,title ईसाई धर्म भारत मिजोरम आइजोल 23 दिसंबर 1996 को आधारशिला रखी गई http://kohhranthianghlim.org/ डॉ. एल.बी. सैलो कोहरान थियांगलीम (द होली चर्च) सोलोमन टेम्पल (Solomon Temple), भारत के मिजोरम राज्य के आइजोल शहर के चोलमुन इलाक़े में स्थित एक गिरजाघर है।Travelling to North East India? Visit Solomon’s Temple, the largest church in Mizoram https://www-hindustantimes-com.translate.goog/travel/travelling-to-north-east-india-visit-solomon-s-temple-the-largest-church-in-mizoram/story-QC2oYlrbSsKyJLwVqQeYLL.html?_x_tr_sl=en&_x_tr_tl=hi&_x_tr_hl=hi&_x_tr_pto=tc 3 नवम्बर 2023 हिंदुस्तान टाइम्स इस चर्च का निर्माण धार्मिक समूह कोहरान थियांगलीम के डॉ. एल.बी. द्वारा किया गया था,Cell IT Kohhran Thianghlim http://kohhranthianghlim.org/ 23 December 2013 जिसका हिंदी अर्थ पवित्र गिरजाघर है। किडरन घाटी के सुरम्य परिवेश में स्थित इस चर्च को बनाने में बीस वर्षों का समय लगा। इतिहास डॉ. एल.बी. द्वारा स्थापित इस गिरिजाघर के निर्माण की शुरुआत एक सपने से मानी जाती है। चर्च के संस्थापक डॉ. एलबी सेलो ने वर्ष 1991 में अपने सपने में सोलोमन मंदिर देखने का उल्लेख करते हुए कहा कि- "ईश्वर ने मुझे सपने में सोलोमन टेंपल दिखाया। मैने पहले कभी सोलोमन टेंपल के बारे में सोचा तक नहीं था। न ही इसे बनाने का कोई सपना था लेकिन जब मैने इसे 1991 ई. में स्पष्ट रूप से देखा था, जैसे ही मैं जगा, मैने टेंपल के बारे में लिख लिया जैसा मैने उसे सपने में देखा था। Business Standard Solomon's Temple Mizoram's Biggest Church Opens to Public Business Standard India 28 December 2017 http://www.business-standard.com/article/news-ani/solomon-s-temple-mizoram-s-biggest-church-opens-to-public-117122801214_1.html/ 18 January 2018 इस बहुमंजिला गिरजाघर की नींव 1996 ई. में रखी गई थी जिसके बाद 1997 से ही इसका निर्माण आरंभ हो गया था। इसका निर्माण बाइबिल के ओल्ड टेक्सटामेंट में वर्णित येरुसलम के सोलेमन टेंपल के उत्तराधिकारी के रूप में करने का प्रयास किया गया। इसके निर्माण में बीस वर्षों का समय लगा। इसका उद्घाटन 25 दिसंबर 2017 को क्रिसमस के दिन हुआ जब से यह आम लोगों के लिए खोल दिया गया। स्थापत्य यह सफेद संगमरमर का बना हुआ बहुमंजिलागिरजाघर है जिसे मिजोरम के बाहर से मंगवाया गया है। यह संगमरमर का बना हुआ मिजोरम का पहला और एकमात्र गिरजाघर है। इसमें बारह मुख्य द्वार बनाए गए हैं। इसके मुख्य प्रार्थना हॉल में लगभग तीन हजार लोगों के तथा पोर्च (गलियारे) में दस हजार लोगों के बैठने की व्यतवस्था है। पर्यटन महत्व यह आइजोल में सबसे अधिक देखी जाने वाली जगह है।https://mizoramtourism.com/top-destination/5 यह दर्शनार्थियों के लिए रोज सुबह 9:30 से शाम 4:30 तक खुला रहता है। इन्हें भी देखें रेइएक बाहरी कड़ियाँ सन्दर्भ श्रेणी:आधार श्रेणी:मिज़ोरम में स्थापत्य श्रेणी:मिज़ोरम में पर्यटन आकर्षण श्रेणी:मिज़ोरम के गिरजाघर