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दूसरा
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दूसरा क्रिकेट के खेल में ऑफ स्पिन गेंदबाज द्वारा डाली जाने वाली एक विशेष प्रकार की गेंद है, जिसे पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी सकलेन मुश्ताक द्वारा लोकप्रिय बनाया गया था।सकलैन साइन्स फॉर आयरलैंड https://web.archive.org/web/20090301001601/http://content-uk.cricinfo.com/ci/content/story/236908.html 1 मार्च 2009 : Cricinfo.com, 26 अप्रैल 2007 को प्राप्त किया गया। इस शब्द का उर्दू (तथा हिंदी) में अर्थ है "दूसरी वाली".http://www.theage.com.au/news/sport/cricket/doosra-may-be-the-difference/2009/04/26/1240684339868.html दूसरा मे बी दी डिफरेंस - क्रिकेट - स्पोर्ट - theage.com.au 26 जनवरी 2011 https://web.archive.org/web/20100124033214/http://www.theage.com.au/news/sport/cricket/doosra-may-be-the-difference/2009/04/26/1240684339868.html 24 जनवरी 2010 live सकलैन मुश्ताक ने दूसरा के एक नए संस्करण की भी खोज की है जिसे वे "तीसरा" कहते हैं, जिसका अर्थ है "तीसरी वाली".
अन्य गेंदबाजों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा का काफी इस्तेमाल किया है; इनमे शामिल हैं, श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन और अजंता मेंडिस, दक्षिण अफ्रीका के जोहान बोथा, भारत के हरभजन सिंह और पाकिस्तान के शोएब मलिक तथा सईद अजमल.
इतिहास
दूसरा एक अपेक्षाकृत नए किस्म की गेंदबाजी है। सकलैन मुश्ताक को इसकी खोज का श्रेय दिया जाता है; इसने उनकी सफलता तथा स्पिन गेंदबाजी के भविष्य में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है, क्योंकि इस बात की संभावना काफी कम है कि उनके पहले किसी भी ऑफ-स्पिन गेंदबाज द्वारा लेग साइड से घूमने वाली गेंद का इस्तेमाल किया गया होगा। सकलैन मुश्ताक - प्लेयर प्रोफाइल https://web.archive.org/web/20090517073500/http://content.cricinfo.com/pakistan/content/player/42628.html 17 मई 2009 : Cricinfo.com 26 अप्रैल 2007 को प्राप्त किया गया।
इस गेंद के नामकरण का श्रेय पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर मोइन खान को दिया जाता है, जो विकेट के पीछे से मुश्ताक को "दूसरा" डालने के लिए कहते थे। इन मैचों में से एक में कमेंट्री करने वाले टोनी ग्रेग अंततः इस शब्द को उस गेंद के साथ जोड़ने में सफल रहे और मैच पश्चात के एक साक्षात्कार में सकलैन द्वारा इसकी पुष्टि भी कर दी गयी।http://www.dailytimes.com.pk/default.asp?page=story_30-5-2004_pg3_6 मोईन खान कॉइन दी टर्म 21 दिसंबर 2012 7 जून 2011 https://web.archive.org/web/20110607020738/http://www.dailytimes.com.pk/default.asp?page=story_30-5-2004_pg3_6 dead इस प्रकार यह शब्द क्रिकेट संस्कृति का एक हिस्सा बन गया। दूसरा अब स्पिन गेंदबाजी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
हालांकि कुछ लोगों के अनुसार दूसरा की वास्तविक शुरुआत 1950 के दशक में वेस्ट इंडीज की तरफ से खेलने वाले सौनी रामादीन द्वारा की गयी थी, क्योंकि एक ऑफ-ब्रेक गेंदबाज की तरह गेंद को पकड़ने के बावजूद वे गेंद को दोनों तरफ घुमाते थे और दूसरा डालने वाले कई ऑफ-ब्रेक गेंदबाजों की ही तरह उनका भी गेंदबाजी एक्शन संदिग्ध था।http://www.sportsnnews.net/index.asp?ItemID=1164&pcid=6&cid=82&archive=yes सौनी रामादीन इंट्रोड्यूज़्ड दूसरा 15 जून 2020 https://web.archive.org/web/20110718150554/http://www.sportsnnews.net/index.asp?ItemID=1164&pcid=6&cid=82&archive=yes 18 जुलाई 2011 dead
तकनीक
गेंदबाज एक सामान्य ऑफ ब्रेक के उँगलियों के एक्शन के समान ही गेंद को डालता है, लेकिन अपनी कलाई को थोड़ा अधिक घुमा लेता है ताकि हाथ के पीछे का हिस्सा बल्लेबाज के सामने रहे। ऐसा करने पर गेंद एक सामान्य ऑफ ब्रेक की उल्टी दिशा में घूमने लगती है और एक दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए लेग साइड से ऑफ साइड की तरफ स्पिन करती है।
दूसरा, एक ऑफ-स्पिनर के लिए एक लेग-स्पिनर की गुगली के समकक्ष गेंद है; गुगली, एक लेग स्पिनर की सामान्य गेंद की विपरीत दिशा में घूमती है।
एक बाएं हाथ का गेंदबाज (जिसका एक्शन एक ऑफ-स्पिनर के प्रतिबिंब समान ही होता है) भी दूसरा गेंद डाल सकता है, जो कि ऑफ से लेग की तरफ घूमेगी. श्रीलंका के बाएँ हाथ के गेंदबाज रंगन हेराथ को इसी प्रकार की गेंद डालने के कारण पहचान मिली थी, विशेषकर एक ए (A) टूर के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ.रंगना हेराथ https://web.archive.org/web/20071208112813/http://content-uk.cricinfo.com/srilanka/content/player/49178.html 8 दिसंबर 2007 . Cricinfo.com. 2008-04-06 को प्राप्त किया गया। इंग्लैंड के बाएं हाथ के गेंदबाज मोंटी पनेसर का दावा है कि वह घरेलू मैचों में कभी-कभी इस प्रकार की गेंद डालते रहे हैं।http://www.timesonline.co.uk/article/0, 2094-2300484,00.html टाइम्स ऑनलाइन: दी बिग इंटरव्यू: मोंटी पनेसर 26 जनवरी 2011 24 जुलाई 2008 https://web.archive.org/web/20080724151913/http://www.timesonline.co.uk/article/0 dead
अन्य गेंदबाज
ऐसा लगता है कि कई अन्य ऑफ स्पिनर "दूसरा" का अधिकाधिक उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि स्वयं सकलैन मुश्ताक के अतिरिक्त, इस गेंद का इस्तेमाल करने वाले अन्य सभी ऑफ-स्पिनरों के खिलाफ फेंकने (थ्रोइंग) का आरोप लगाया जा चुका है, हालांकि अधिकांश मामलों में इसे ख़ारिज कर दिया गया है। इन में शामिल हैं, मुथैया मुरलीधरन, हरभजन सिंह, सईद अजमल, शोएब मलिक और जोहान बोथा। वारविकशायर के पूर्व गेंदबाज एलेक्स लूडन द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले एक अन्य तरीके में, बीच की ऊँगली को गेंद के पीछे रखके गेंद डालते समय उसे 'फ्लिक' किया जाता है (झटका दिया जाता है), ऐसा करने पर गेंद लेग से ऑफ की तरफ घूमती है। दूसरा के इस प्रकार की सफलता के बारे में अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है क्योंकि लूडन द्वारा इंग्लैण्ड के लिए अपने एक दिवसीय करियर की शुरुआत 24 जून 2006 को श्रीलंका के खिलाफ ही की गयी है। उन्होंने कोई विकेट तो नहीं लिया लेकिन मैच में दूसरा गेंद अवश्य डाली थी। उनके खिलाफ फेंकने का भी कोई आरोप नहीं लगाया गया। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के डैन कलेन भी कथित रूप से दूसरा गेंद डाल लेते हैं। अजंता मेंडिस को अपने करियर की शुरुआत में दूसरा की मिडल फिंगर फ्लिक शैली का उपयोग करते हुए सफलता मिली थी।http://www.youtube.com/watch?v=nL9-D-Hp2GI&feature=related अजंता मेंडिस फिंगर फ्लिक दूसरा 15 जून 2020 https://web.archive.org/web/20140523223433/http://www.youtube.com/watch?v=nL9-D-Hp2GI&feature=related 23 मई 2014 live
मुथैया मुरलीधरन
मुरलीधरन का दूसरा, 2004 में ऑस्ट्रेलिया के श्रीलंका दौरे के दौरान गेंदबाजी करते समय, कोहनी के ऊपर बांह को अवैध तरीके से सीधा करने के लिए मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड द्वारा आधिकारिक रिपोर्ट का विषय बनी थी। बाद में पर्थ स्थित युनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में किये गए बायोमेकेनिकल परीक्षणों में पाया गया कि मुरलीधरन दूसरा डालते समय अपनी बांह को 10 डिग्री तक सीधा करते थे, जो कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) द्वारा स्पिन गेंदबाजों के लिए स्वीकृत 5 डिग्री से काफी अधिक था। मुरलीधरन को बाद में श्रीलंका क्रिकेट द्वारा निर्देश दिया गया कि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा का प्रयोग न करें। नवंबर 2004 में, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने अवैध गेंदबाजी एक्शन के क्षेत्र में और अधिक अनुसंधान किये और पाया कि कई गेंदबाज जिनके एक्शन को वैध माना जा रहा था, वास्तव में नियमों का अतिक्रमण कर रहे थे। 2005 की शुरुआत में आईसीसी (ICC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की बैठक में एक नियम बदलाव को प्रस्तावित और स्वीकृत कर लिया गया जिसमें कहा गया था कि कोई भी गेंदबाज अपनी बांह को 15 डिग्री तक सीधा कर सकता है और इस प्रकार मुरलीधरन की दूसरा पुनः एक वैध गेंद बन गयी।
फरवरी 2006 में ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों और उनके 'नो बॉल' के नारों को हमेशा के लिए चुप करने के प्रयास में मुरलीधरन ने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में एक और परीक्षण करवाया जिसमें दूसरा सहित उनकी सभी गेंदों को वैध पाया गया।
हरभजन सिंह
thumb|नेट पर गेंदबाजी करते हुए हरभजन.
भारतीय गेंदबाज हरभजन सिंह की दूसरा गेंद, दिसंबर 2004 में चित्तागोंग में भारत और बंगलादेश के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट के बाद मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड, ऑन-फील्ड अंपायरों अलीम दार और मार्क बेंसन, तथा टीवी अंपायर महबूबुर रहमान की एक आधिकारिक रिपोर्ट द्वारा विषय बनी थी। यह बताया गया कि उनकी बांह 10 डिग्री के कोण तक सीधी होती है जब कि आईसीसी (ICC) के मानक 5 डिग्री तक को ही स्वीकार करते है।http://content-aus.cricinfo.com/ci/content/story/210120.html क्रिकइन्फो: हरभजन क्लियर्ड टू बोल 26 जनवरी 2011 https://archive.today/20120709020717/http://content-aus.cricinfo.com/ci/content/story/210120.html 9 जुलाई 2012 live
शोएब मलिक
पाकिस्तानी ऑलराउंडर शोएब मलिक के खिलाफ भी 2004 दिसम्बर में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए पहले टेस्ट के बाद उनके दूसरा को लेकर शिकायत की गयी थी। मुरलीधरन के समान, उन पर भी बायोमेकेनिकल परीक्षण किये गए और उस श्रृंखला के बाकी टेस्टों में उन्होंने गेंदबाजी नहीं की। अपनी दूसरा गेंद डालते समय थ्रो करने (फेंकने) के आरोपित अन्य क्रिकेटरों के विपरीत, मलिक एक सक्षम बल्लेबाज भी हैं और कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस गेंद को डालने से रोके जाने पर वे अपनी बल्लेबाजी पर अधिक ध्यान देने लगेंगे. मलिक को 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए पाकिस्तानी टीम से हटा दिया गया था, हालांकि ऐसा किसी विवाद के चलते नहीं बल्कि पर्थ की पिच के स्पिन गेंदबाजों के प्रतिकूल होने की वजह से किया गया था।
मलिक ने मई 2005 में कुछ सुधार करने के बाद पुनः गेंदबाजी शुरू कर दी। इंग्लैंड के खिलाफ नवंबर 2005 में मुल्तान में पहले टेस्ट के बाद उनके और अहमद शब्बीर के खिलाफ फिर से शिकायत कर दी गयी।
मई 2006 में मलिक ने अपने गेंदबाजी एक्शन को सही करने के लिए कोहनी की सर्जरी करवाई. मलिक और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इसके पहले असफलातापूर्वक यह तर्क देते रहे थे कि 2003 की एक सड़क दुर्घटना में उनकी कोहनी में लगी चोट के कारण उनका गेंदबाजी एक्शन संदिग्ध दिखाई देता है। मलिक जून 2006 में पुनः खेल के मैदान पर उतरे लेकिन अब वे दूसरा गेंद का इस्तेमाल नहीं करते हैं।http://content-aus.cricinfo.com/ci/content/player/42657.html क्रिकइन्फो: शोएब मलिक 26 जनवरी 2011 https://web.archive.org/web/20070308004457/http://content-aus.cricinfo.com/ci/content/player/42657.html 8 मार्च 2007 live
जोहान बोथा
2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच के बाद दक्षिण अफ्रीका के जोहान बोथा के खिलाफ दूसरा के उनके संस्करण के लिए शिकायत दर्ज की गयी। बोथा का वह पहला टेस्ट मैच था जिसमें उन्होंने 2 विकेट लिए। बाद में उनकी गेंदबाजी को अवैध करार दे दिया गया और उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया, हालांकि इस प्रतिबंध को नवंबर 2006, में समाप्त कर दिया गया।http://content-aus.cricinfo.com/ci/content/story/269136.html क्रिकइन्फो: बोथाज़ एक्शन पास्ड बाय दी आईसीसी 26 जनवरी 2011 https://archive.today/20120707064651/http://content-aus.cricinfo.com/ci/content/story/269136.html 7 जुलाई 2012 live हालांकि, अप्रैल 2009 में ऑस्ट्रेलिया की श्रृंखला के बाद उनके गेंदबाजी एक्शन के पुनर्मूल्यांकन के लिए उन्हें फिर से बुलाया गया।http://content.cricinfo.com/rsavaus2009/content/current/story/399543.html बोथा रिपोर्टेड फॉर सस्पेक्टेड एक्शन 26 जनवरी 2011 https://web.archive.org/web/20090417102122/http://content.cricinfo.com/rsavaus2009/content/current/story/399543.html 17 अप्रैल 2009 live मई 2009 में उन्हें दूसरा के अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार की गेंदों को डालने की अनुमति दे दी गयी क्योंकि उनकी दूसरा को 15 डिग्री की सीमा के पार माना गया था।
ऑस्ट्रेलिया में दूसरा के शिक्षण के खिलाफ प्रतिबंध
जुलाई 2009 में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सेंटर फॉर एक्सीलेंस में आयोजित स्पिन शिखर सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि युवा स्पिनरों को दूसरा गेंद सिखाई नहीं जायेगी. बैठक में निम्न प्रतिनिधि शामिल थे, पूर्व टेस्ट स्पिनर शेन वार्न, स्टुअर्ट मैकगिल, जिम हिग्स, गेविन रॉबर्टसन, टेरी जेनर, पीटर फिलपॉट तथा एशले मैलेट. उनके अनुसार, दूसरा को वैध तरीके से नहीं डाला जा सकता है और जब तक आईसीसी (ICC) चकिंग (फेंकने) के सभी रूपों वैध बनाने का फैसला नहीं करता है तब तक इसे ऑस्ट्रेलिया में नहीं सिखाया जाएगा.
एक साक्षात्कार में विन्सेन्ट बार्न्स का तर्क है किhttp://www.cricinfo.com/magazine/content/current/story/404772.html लाइफ आफ्टर दूसरा स्पेशल्स क्रिकइन्फो मैग्जीन Cricinfo.com 26 जनवरी 2011 https://web.archive.org/web/20090815061104/http://www.cricinfo.com/magazine/content/current/story/404772.html 15 अगस्त 2009 live
UWA प्रोफेसर और ICC के बायोमेकेनिस्ट, ब्रूस इलियट ने फिंगर स्पिनरों के साथ किये गए अपने अनुसंधान में एक रोचक खोज की थी। उन्होंने कहा कि "उन्होंने पाया है कि उपमहाद्वीप के कई गेंदबाज दूसरा को वैध रूप से डाल सकते हैं लेकिन कोकेशियान गेंदबाज नहीं."
तीसरा
2004 में, दूसरा को विकसित करने वाले सकलैन मुश्ताक ने तीसरा नामक एक नए संस्करण को विकसित करने का दावा किया, जो कि ऑफ स्पिनर के रूप में एक टॉप स्पिनर गेंद होती है।http://www.rediff.com/cricket/2004/mar/24saq.htm सकलैन डेवलपिंग ए 'तीसरा' 26 जनवरी 2011 https://web.archive.org/web/20111016000754/http://www.rediff.com/cricket/2004/mar/24saq.htm 16 अक्तूबर 2011 live उनके द्वारा कथित तौर पर आईसीएल (ICL) मैचों में इसका इस्तेमाल किया गया था।
सन्दर्भ
2
श्रेणी:क्रिकेट शब्दावली
श्रेणी:गेंदबाज़ी