411 REFERENCE · Wikipedia
हथौड़ा फेंक
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
हैमर थ्रो (Hammer throw) 250pxहैमर थ्रो का एक खिलाड़ी पूर्ण घूर्णन में हैमर को गोलाकार पथ में घुमाता हुआ श्रेणी ट्रैक और फील्ड (फेंकने वाली स्पर्धा) उपकरण धातु की गेंद, स्टील का तार और हैंडल पुरुष विश्व रिकॉर्ड यूरी सेडीख (86.74 मीटर, 1986) महिला विश्व रिकॉर्ड अनीता वलोडार्कज़िक (82.98 मीटर, 2016) ओलंपिक इतिहास 1900 से वर्तमान तक
हैमर थ्रो (हिन्दी में: हथौड़ा फेंक) आउटडोर ट्रैक-एंड-फील्ड प्रतियोगिताओं में आयोजित होने वाले चार प्रमुख थ्रोइंग (फेंकने वाले) स्पर्धाओं में से एक है, जिसमें चक्का फेंक (Discus throw), गोला फेंक (Shot put) और भाला फेंक (Javelin throw) भी शामिल हैं।
इस खेल में इस्तेमाल किया जाने वाला "हैमर" (हथौड़ा) कड़ाही या औजारों वाले सामान्य हथौड़े जैसा नहीं होता। इसमें एक ठोस धातु की गेंद होती है, जो एक मजबूत स्टील के तार के जरिए पकड़ने वाले हैंडल (ग्रिप) से जुड़ी होती है। ये तीनों घटक अलग-अलग होते हैं और स्वतंत्र रूप से गति कर सकते हैं। पुरुषों और महिलाओं की स्पर्धाओं के लिए इस गेंद के आकार और वजन में अंतर होता है। कॉलेज और पेशेवर स्तर की प्रतियोगिताओं में पुरुषों के हैमर का वजन 7.26 किलोग्राम होता है, जबकि महिलाओं के हैमर का वजन 4 किलोग्राम होता है।Hammer Throw https://worldathletics.org/disciplines/throws/hammer-throw worldathletics.org
इतिहास
ऐतिहासिक परंपराओं के अनुसार, इस खेल की जड़ें 1830 ईसा पूर्व के आसपास आयरलैंड के तारा में आयोजित होने वाले 'टेल्टियन गेम्स' (Tailteann Games) से जुड़ी हैं। लोककथाओं के अनुसार, सेल्टिक योद्धा कु चुलेन (Cú Chulainn) ने एक रथ के धुरी को उसके पहिये सहित उठाकर हवा में घुमाया और बहुत दूर फेंक दिया था, जिससे इस खेल की शुरुआत हुई। बाद में इस पहिये की जगह लकड़ी के हैंडल से बंधे एक भारी पत्थर ने ले ली। मध्य युग के दौरान स्कॉटलैंड और इंग्लैंड में इस खेल के लिए एक बड़े लोहार के हथौड़े (Sledgehammer) का उपयोग किया जाने लगा।
आधुनिक युग में, पुरुषों का हैमर थ्रो वर्ष 1900 से ही ओलंपिक खेलों का हिस्सा रहा है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (IAAF) ने १९९५ तक महिलाओं के रिकॉर्ड्स को प्रमाणित करना शुरू नहीं किया था। महिला हैमर थ्रो स्पर्धा को पहली बार वर्ष 2000 में सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) में आयोजित हुए ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया था।
प्रतियोगिता और तकनीक
हैमर थ्रो स्पर्धा में जीत का फैसला इस बात से होता है कि कौन सा एथलीट हैमर को सबसे दूर फेंकने में सक्षम है।
इस खेल की तकनीक अत्यधिक जटिल और यांत्रिक संतुलन पर आधारित होती है। फेंकने की गति की शुरुआत तब होती है जब थ्रोयर आवश्यक गतिज ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए हैमर को आगे-पीछे लगभग दो बार घुमाता है। इसके बाद, एथलीट एक विशेष हील-टो (एड़ी-अंगूठा) पैर की गति का उपयोग करते हुए तीन, चार या कभी-कभी पांच बार पूर्ण घूर्णन (Rotations) करता है। प्रत्येक चक्कर के साथ हैमर की कोणीय गति (Angular Velocity) बढ़ती जाती है। हैमर को क्षैतिज रूप से घुमाने के बजाय इसे एक ऐसे कोण पर घुमाया जाता है जो ऊपर की दिशा में लक्ष्य की ओर बढ़ता है। जब वेग अपने उच्चतम स्तर पर होता है, तो एथलीट हैमर को छोड़ (Launch) देता है।
खिलाड़ी को एक निश्चित 'थ्रोइंग सर्कल' (व्यास: 2.135 मीटर) के भीतर रहकर ही थ्रो करना होता है। हैमर के जमीन पर गिरने से पहले खिलाड़ी सर्कल से बाहर नहीं कदम रख सकता। इसके अलावा, हैमर को मैदान पर बने 34.92 डिग्री के एक निश्चित 'थ्रोइंग सेक्टर' (Throwing Sector) के भीतर ही गिरना चाहिए। यदि हैमर इस सीमा रेखा से बाहर गिरता है या खिलाड़ी का पैर घेरे से बाहर चला जाता है, तो उसे फाउल (Foul) माना जाता है और वह थ्रो अमान्य हो जाता है।
पृथ्वी के घूर्णन का प्रभाव
भौतिकी और भू-विज्ञान के नियमों के अनुसार, हैमर की फेंकने की दूरी केवल खिलाड़ी की ताकत पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमने (Earth's Rotation) के प्रभाव पर भी निर्भर करती है।
वर्ष 2023 के एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, किसी स्थान का अक्षांश (Latitude) खेल को प्रभावित करता है; भूमध्य रेखा (Equator) के नजदीक स्थित मैदानों पर अपकेंद्रीय बल (Centrifugal Force) अधिक होने के कारण हैमर कुछ सेंटीमीटर अधिक दूर तक उड़ता है। इसके अलावा, कोरिओलिस बल (Coriolis Forces) के कारण थ्रो की दिशा (Azimuth) भी दूरी को मामूली रूप से प्रभावित करती है। यह वैज्ञानिक प्रभाव इतना महत्वपूर्ण है कि यदि शीर्ष 20 विश्व रिकॉर्ड रैंकिंग्स को अक्षांश और दिशा के अनुसार समायोजित (Adjust) किया जाए, तो पदक विजेताओं का क्रम बदल सकता है।
सुरक्षा उपाय
हैमर थ्रो को ट्रैक-एंड-फील्ड कड़ियों में सबसे खतरनाक खेलों में से एक माना जाता है, क्योंकि धातु की भारी गेंद हवा में अत्यधिक तीव्र वेग से लंबी दूरी तय करती है, जिसे उड़ते समय खुली आंखों से ट्रैक करना कठिन होता है। वर्ष 2000 में यूरोप में इसके कारण चार मौतें दर्ज की गई थीं।
इस जोखिम को कम करने के लिए फेंकने वाले घेरे के चारों ओर लोहे के तारों से बना एक सी-आकार का "सुरक्षा पिंजरा" (Hammer Cage) लगाना अनिवार्य होता है। वर्ष 2004 में विश्व एथलेटिक्स ने नियमों में बदलाव करते हुए इस पिंजरे की अनिवार्य ऊंचाई को बढ़ाकर 10 मीटर कर दिया और इसके डेंजर ज़ोन के कोण को 53 डिग्री तक सीमित कर दिया, ताकि यदि हैमर खिलाड़ी के हाथ से असमय छूट भी जाए, तो वह तारों से टकराकर रुक जाए और दर्शकों या अन्य खिलाड़ियों को चोट न पहुंचे।
संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
विश्व एथलेटिक्स: हैमर थ्रो आधिकारिक गाइड
हैमरथ्रो.ऑर्ग - कोचिंग टिप्स और संसाधन (अंग्रेज़ी)
Category:ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएं
Category:ओलंपिक खेल
Category:व्यक्तिगत खेल